
नई दिल्ली, 7 फरवरी 2026:
देशभर में आज ओला, उबर, रैपिडो और पोर्टर जैसे ऐप-आधारित प्लेटफॉर्म्स से जुड़े ड्राइवर 6 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर हैं। इस विरोध प्रदर्शन को ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’ नाम दिया गया है। ड्राइवरों ने ऐप्स बंद कर काम ठप करने का ऐलान किया है, जिससे बड़े शहरों में कैब, ऑटो और बाइक टैक्सी की उपलब्धता बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।
तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) ने अन्य राष्ट्रीय श्रम संगठनों के साथ मिलकर इस हड़ताल का आह्वान किया है। यूनियन का आरोप है कि स्पष्ट सरकारी नियमों की कमी के कारण कंपनियां मनमाने तरीके से किराया तय कर रही हैं, जिससे ड्राइवरों की कमाई लगातार घट रही है।
🚨 क्या हैं ड्राइवरों की प्रमुख मांगें?
ड्राइवर यूनियन ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर कई लंबित मुद्दे उठाए हैं। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
1️⃣ न्यूनतम बेस किराया तय किया जाए
केंद्र और राज्य सरकारें ऐप-आधारित परिवहन सेवाओं के लिए न्यूनतम किराया तुरंत अधिसूचित करें। यह दर मान्यता प्राप्त ड्राइवर यूनियनों से परामर्श कर तय की जाए।
2️⃣ निजी वाहनों के व्यावसायिक उपयोग पर रोक
निजी (गैर-व्यावसायिक) वाहनों का कमर्शियल राइड या माल ढुलाई में उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए, या फिर उन्हें अनिवार्य रूप से कमर्शियल कैटेगरी में बदला जाए।
3️⃣ पारदर्शी भुगतान व्यवस्था
ड्राइवरों का कहना है कि मौजूदा सिस्टम में किराया तय करने की कोई पारदर्शी प्रक्रिया नहीं है। कंपनियां एल्गोरिदम के जरिए किराया घटाती-बढ़ाती हैं, जिससे उनकी आय अस्थिर हो गई है।
4️⃣ मनमानी आईडी ब्लॉकिंग पर रोक
बिना उचित जांच-पड़ताल के ड्राइवर आईडी ब्लॉक करना और जुर्माना लगाना बंद किया जाए।
5️⃣ सुरक्षा और बीमा
गिग वर्कर्स को दुर्घटना बीमा, सुरक्षा उपकरण और बेहतर कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराई जाएं।
📉 पहले भी हो चुकी है हड़ताल
पिछले वर्ष 25 दिसंबर और 31 दिसंबर को भी गिग वर्कर्स ने विरोध प्रदर्शन किया था। टीजीपीडब्ल्यूयू के अनुसार, केवल हैदराबाद में ही करीब 50,000 कर्मचारियों ने हड़ताल में हिस्सा लिया था।
🚦 यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा?
आज 7 फरवरी को देश के प्रमुख शहरों में कैब और बाइक टैक्सी की भारी कमी देखने को मिल सकती है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे पहले से यात्रा की योजना बनाएं और मेट्रो, बस या अन्य सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
⚖️ बड़ा सवाल
यह हड़ताल केवल किराए का मुद्दा नहीं, बल्कि गिग वर्कर्स के अधिकारों, पारदर्शी वेतन व्यवस्था और सम्मानजनक कामकाजी परिस्थितियों की मांग से जुड़ी है। अब देखना यह है कि सरकार और कंपनियां इस पर क्या रुख अपनाती हैं।




















