देहरादून, 14 दिसंबर, 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” और “वोकल फॉर लोकल” के आह्वान को मजबूत करते हुए, देहरादून के परेड ग्राउंड में 8 दिसंबर से चल रहे सात-दिवसीय स्वदेशी महोत्सव एवं उत्तराखंड विकास प्रदर्शनी का आज भव्य समापन हो गया। स्मृति विकास संस्थान की समर्पित टीम द्वारा आयोजित इस महोत्सव ने राज्य के स्थानीय उत्पादों, समृद्ध संस्कृति और युवा प्रतिभाओं को एक सशक्त मंच प्रदान किया।

सांस्कृतिक मंच पर ‘लोक कला’ और ‘राष्ट्र प्रेम
सात दिनों तक चले इस महोत्सव के दौरान, प्रतिदिन आयोजित हुई सांस्कृतिक संध्याएँ दर्शकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। अनेक स्कूलों के बच्चों सहित युवा और नन्हे कलाकारों ने उत्तराखंड की लोक कला और राष्ट्र प्रेम को दर्शाती शानदार प्रस्तुतियाँ दीं।
समापन समारोह में इन सभी प्रतिभाशाली कलाकारों को उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए मेडल, सर्टिफिकेट और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने इस पहल को युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और कला के प्रति प्रेरित करने का एक बड़ा कदम बताया।

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स्वदेशी और पहाड़ी उत्पादों को मिला व्यापक बाजार
इस महोत्सव में सरकारी विभागों के स्टॉल के साथ-साथ, छोटे उद्यमियों, हस्तशिल्पियों और महिला स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया। इन स्टॉलों पर प्रदर्शित पहाड़ी और स्वदेशी उत्पाद ‘लोकल से ग्लोबल’ बनने की कहानी बयां कर रहे थे। बच्चों के लिए झूलों और अन्य मनोरंजक स्टॉलों ने पूरे मेले के माहौल को जीवंत बनाए रखा।
राजनेताओं और गणमान्य व्यक्तियों की महत्वपूर्ण उपस्थिति
सात दिवसीय इस महोत्सव में प्रदेश के कई दिग्गज राजनेताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की, जिससे आयोजन का महत्व और बढ़ा। इनमें वन मंत्री सुबोध उनियाल, मसूरी विधायक गणेश जोशी, भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एवं माननीय सांसद नरेश बंसल जी, और मंत्री रेखा आर्या जैसी प्रमुख हस्तियाँ शामिल रहीं, जिन्होंने मंच से स्वदेशी को अपनाने के महत्व पर ज़ोर दिया।
कार्यक्रम की स्वागत समिति में विन्डलास बायोटेक ग्रुप के चेयरमैन अशोक विन्डलास (अध्यक्ष), सतेंद्र पुनेठा (महामंत्री), बिजनेसमैन अंकुर अग्रवाल (उपाध्यक्ष) और रियल स्टेट के सलाहकार सुरेश जुयाल सहित कई वरिष्ठ महानुभावों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

समर्पित टीम की मेहनत से सफल हुआ आयोजन
स्वदेशी महोत्सव की सफलता का पूरा श्रेय आयोजक समिति की कड़ी मेहनत और समर्पित भागीदारी को जाता है। आयोजन समिति में सुरेंद्र सिंह जी, सुमन चौहान जी, प्रवीण पुरोहित जी, अनिल राज सोनू जी, आधार वर्मा जी, नीता कांडपाल जी, विवेक राणा जी, राहुल नंदा जी, मनीष सकलानी जी, कमलदीप मेहरा जी, अंजलि भट्ट जी, अर्चना बिष्ट जी, रूपा यादव जी, और सतपाल रावत जी शामिल थे।
यह महोत्सव उत्तराखंड की उद्यमिता, कला और संस्कृति को एक साथ लाकर विकसित भारत के विज़न को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।